Hulchul_Sydney_ARAlvi_OnGauriLankesh_8SEP17
A spontaneous and sorrowful meeting with Abbas Raza Alvi Saheb which touches upon the news about death of the famous jounalist from Bangalore, Karnataka, India, Gauri Lankesh Ji.
Abbas raza Alvi Saheb, a well known poet and community worker residing in Sydney discusses this tragic event. He has been so touched by this event that he wrote a poem on it, which is presented here:
आज मैं पिटी नहीं मार डाली गयी हूँ
मैं पीटी गयी तुम देखते रहे, ख़बरों की सुर्ख़ियों में पढते रहे
कम्पुटर की ईमेल में भेजते रहे, टीवी के स्क्रीन पर सुनते रहे
मैं बार बार पीटी गयी, तुम बार बार देखते रहे और सुन सुन के सहते रहे
तरस तो आया तुम्हे मैं तुम्हारे मुल्क की हूँ. दिल में आया तुम्हारे कि मैं तुम जैसी ही हूँ
मगर रोज़मर्रा की ज़िंदगी ने, जकड़ी हुई घरेलू पावंदी ने
हमारे बीच के फ़ासलों ने, कुछ पस्त हूए सवालों ने
इस मर धाड़ की दौड़ ने, सब पर छा जाने की हौड़ ने
तुमने मुझे भुला दिया, सपनोँ ही में सुला दिया
आज मैं पीटी नहीं मारी गयी हूँ,आज मैं थी कल तुम भी हो सकते हो
शायद तुम कुछ करो और इसे रोको, आज मैं पिटी नहीं मार डाली गयी हूँ
हाँ , आज मैं पिटी नहीं मार डाली गयी हूँ
अब्बास रज़ा अल्वी
6th September 2017
The talk, although brief, explores and suggests some actions which we all can take up in order to stop such killings and retain a peaceful India and the world.
Hulchul Participants: Abbas Raza Alvi & Iqtedar Abdi.
Editor, Publisher, Director: Iqtedar Abdi.